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बुधवार, 27 अप्रैल 2011

बहुत अच्छा किया...

हमीं  से सीखा दोड़ना
हमें गिरा दिया 
बहुत अच्छा किया 
शुक्रिया

बंद नहीं होगी 
फिर भी 
ये पाठशाला
कभी कभी ऐसे 
लोगों से भी
पड सकता है पाला

जीते तुम
जश्न मनाओ 
याद कभी करना
किस से सीखी
वर्णमाला


8 टिप्‍पणियां:

  1. अरसे के बाद आप की कृति पढने को मिली.

    "जीते तुम
    जश्न मनाओ
    याद कभी करना
    किस से सीखी
    वर्णमाला"

    व्यर्थ समर्पण की सटीक कहानी.

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  2. क्या बात है गोयल जी उत्सुकता और है आगे पढ्ने की
    हर किसी को मुक्म्मल जहाँ नहीं मिलता

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  4. जीते तुम
    जश्न मनाओ
    याद कभी करना
    किस से सीखी
    वर्णमाला......
    bahot achche......

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  5. बहुत अच्छी सुंदर प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

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  6. के बारे में महान पोस्ट "बहुत अच्छा किया..."

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